Ek गजल मेरी गजल के लिये
हर Ek कोरे कागज पर वो किसी का नाम लिखती है
लगाती है जब वो हाथ में मेंहदी तो अधूरा नाम लिखती है
करती है जैसे वो मुझसे वो सभी से बात करती है
मे कैसे मान लू कि वो मुझी से प्यार करती है
अंकित मीणा
💜💜💛💛💚💙💙❤❤
हर Ek कोरे कागज पर वो किसी का नाम लिखती है
लगाती है जब वो हाथ में मेंहदी तो अधूरा नाम लिखती है
करती है जैसे वो मुझसे वो सभी से बात करती है
मे कैसे मान लू कि वो मुझी से प्यार करती है
अंकित मीणा
💜💜💛💛💚💙💙❤❤
No comments:
Post a Comment